डेहरी को बड़ा झटका, नहीं बनेगा स्टेडियम!

पटना/डेहरी | जन आक्रोश ब्यूरो

डेहरी विधानसभा क्षेत्र के युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए आज (मंगलवार) विधानसभा से एक निराश करने वाली खबर सामने आई है। शहर के ‘नगर भवन’ (Town Hall) के पीछे एक भव्य स्टेडियम निर्माण की उम्मीदों को सरकार ने आज पूरी तरह खारिज कर दिया।

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आज बिहार विधानसभा के पटल पर रखे गए एक आधिकारिक जवाब में खेल विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि डेहरी नगर परिषद क्षेत्र में स्टेडियम के लिए न तो जमीन उपलब्ध है और न ही फिलहाल कोई नई योजना है।

विधायक सोनू सिंह ने मांगा था जवाब
डेहरी विधायक श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने विधानसभा में आज तारांकित प्रश्न (संख्या 18/2/950) के माध्यम से सरकार से सीधा सवाल किया था। उनकी मांग थी कि डेहरी शहर की घनी आबादी और युवाओं की जरूरत को देखते हुए नगर भवन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर स्टेडियम का निर्माण कराया जाए।

सरकार का जवाब: ‘जमीन नहीं है, जमुहार जाएं’
खेल विभाग द्वारा सदन में दिए गए जवाब ने शहरवासियों को चौंका दिया है:

  • जमीन का संकट: सरकार ने जिलाधिकारी, रोहतास की रिपोर्ट (दिनांक 06.02.2026) का हवाला देते हुए कहा है कि नगर भवन के पीछे वाली जमीन ‘सरकारी परती भूमि’ के रूप में उपलब्ध नहीं है।
  • कोटा पूरा होने का दावा: सरकार ने एक अजीब तर्क दिया है कि ‘मुख्यमंत्री खेल विकास योजना’ के तहत हर प्रखंड में एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य है। सरकार के रिकॉर्ड में, डेहरी प्रखंड के उच्च विद्यालय, जमुहार में साल 2008 में ही स्टेडियम निर्माण कराया जा चुका है। इसलिए, तकनीकी रूप से प्रखंड का कोटा पूरा है।
प्रश्नोत्तरी

युवाओं में आक्रोश: 18 साल पुराने स्टेडियम का दिया हवाला
सरकार का यह जवाब डेहरी के खिलाड़ियों के गले नहीं उतर रहा है।

  • दूरी की समस्या: जमुहार, मुख्य डेहरी शहर और रिहायशी इलाकों से काफी दूर है। शहर के बच्चे और युवा रोज प्रैक्टिस के लिए इतनी दूर जाने में असमर्थ हैं।
  • इनडोर स्टेडियम की मांग ठुकराई: विधायक ने विशेष रूप से इनडोर स्टेडियम की संभावना तलाशी थी, लेकिन सरकार ने आउटडोर स्टेडियम का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।

निष्कर्ष:
विधायक सोनू सिंह की कोशिश के बावजूद, प्रशासनिक पेंच और पुराने निर्माण का हवाला देकर डेहरी शहर को खेल सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है। अब यह देखना होगा कि क्या विधायक इस मुद्दे को पूरक प्रश्न के माध्यम से आगे बढ़ाते हैं या शहर के युवाओं को जमुहार के भरोसे ही रहना होगा।

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