डेहरी मरीन ड्राइव: सरकार की ‘ना’ के बाद जगी उम्मीद! क्या पूरा होगा विधायक का ‘वादा नंबर-2’?

पटना/डेहरी | जन आक्रोश डेस्क

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डेहरी विधानसभा क्षेत्र के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक—‘सोन नद के किनारे मरीन ड्राइव’—को लेकर आज बिहार विधानसभा में स्थिति तब दिलचस्प हो गई, जब सरकार के लिखित इनकार के बाद भी उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। डेहरी विधायक श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ को लेकर सदन में जो कुछ हुआ, उसने जनता के बीच असमंजस और आस दोनों जगा दी है।

लिखित जवाब से लगा था झटका
सत्र के दौरान विधायक श्री सोनू सिंह ने तारांकित प्रश्न के जरिए सरकार से पूछा था कि क्या रोहतास में सोन नदी के किनारे (नासरीगंज से NH-19 होते हुए इन्द्रपुरी तक) पटना मरीन ड्राइव की तर्ज पर सड़क, फुटपाथ और मनोरंजक स्थल बनाने की योजना है?
इसके जवाब में पथ निर्माण विभाग ने लिखित रूप में स्पष्ट कहा:

“वस्तुस्थिति यह है कि मरीन ड्राइव की तर्ज पर पथ निर्माण का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।”
सरकार के इस सीधे जवाब से एक पल के लिए ऐसा लगा कि डेहरी का यह सपना फाइलों में ही दम तोड़ देगा।

पूरक प्रश्न: विधायक की मुखरता ने बदला रुख
लिखित जवाब में ‘ना’ पढ़ने के बाद भी विधायक पीछे नहीं हटे। उन्होंने सदन में पूरक प्रश्न (Supplementary Question) के दौरान अपनी बात बेहद मुखरता और गंभीरता के साथ रखी। विधायक ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि डेहरी शहर के सौंदर्यकरण, ट्रैफिक मुक्ति और पर्यटन (Tourism) के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पुरजोर तरीके से मांग उठाई कि सरकार इस पर संवेदनशीलता से विचार करे।

मंत्री का आश्वासन: ‘दरवाजे बंद नहीं हुए हैं’
विधायक की मुखरता और तर्कों को देखते हुए, पथ निर्माण विभाग के मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने सदन में सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार में कई स्थानों से नदियों के किनारे मरीन ड्राइव जैसी सड़कों की मांग आ रही है।

मंत्री ने सदन में कहा:
“अगर हमें लगता है कि वहां ट्रैफिक लोड (Traffic Load) के कारण इसकी आवश्यकता है और पर्यटन (Tourism) का स्कोप है, तो संभवतः हम इस पर विचार करेंगे।”

‘वादा नंबर-2’ और साख का सवाल
यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक रूप से बेहद अहम है। सोन किनारे मरीन ड्राइव का निर्माण विधायक श्री सोनू सिंह के चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) का क्रम संख्या-2 पर किया गया प्रमुख वादा है। चूँकि विधायक सत्ताधारी NDA गठबंधन का हिस्सा हैं, इसलिए क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि वे देर-सवेर इस प्रोजेक्ट को पास करवा ही लेंगे।

अब आगे क्या?
मंत्री के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि मरीन ड्राइव के लिए ‘ट्रैफिक सर्वे’ और ‘पर्यटन क्षमता’ का आधार मजबूत करना होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विधायक अपने कार्यकाल में इस ‘आश्वासन’ को ‘हकीकत’ में कैसे बदलते हैं। फिलहाल, डेहरी के लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि सरकार की ‘ना’ के बावजूद फाइल अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है।

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