लिखित जवाब: डेहरी के अब तक जिला ना बनने का कारण डीएम और आयुक्त!

डेहरी-ऑन-सोन | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट (जन आक्रोश मीडिया)

क्या सासाराम में बैठा स्थानीय प्रशासन जानबूझकर डेहरी के विकास की फाइल को दबा रहा है? यह गंभीर सवाल आज इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि सालों से चल रहे ‘डेहरी को जिला’ बनाने के आंदोलन पर अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जन आक्रोश मीडिया के हाथ बिहार विधानसभा के पटल पर रखा गया सरकार का वो अहम ‘लिखित जवाब’ लगा है, जिसने यह साबित कर दिया है कि डेहरी को जिला बनाने की फाइल पटना में नहीं, बल्कि स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही या किसी गहरी साज़िश के तहत अटकी हुई है।

विधानसभा में दिए गए इस आधिकारिक उत्तर के अनुसार, डेहरी के जिला ना बन पाने का असली कारण कोई और नहीं, बल्कि जिला पदाधिकारी (DM) और प्रमंडलीय आयुक्त (Divisional Commissioner) हैं!

क्या है पूरा मामला? विधायक ने विधानसभा में उठाया था सवाल

18वीं बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र में डेहरी के माननीय विधायक श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ सोनू सिंह ने तारांकित प्रश्न (संख्या- 18/2/1715) के माध्यम से सरकार से सीधा जवाब मांगा था। विधायक ने पूरे तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार को घेरा और डेहरी को जिला बनाने का मजबूत दावा पेश किया।

विधायक श्री सोनू सिंह ने सदन में जो अहम तथ्य रखे, वे इस प्रकार हैं:

  • डेहरी जनसंख्या (3.5 लाख) की दृष्टि से रोहतास का सबसे बड़ा और क्षेत्रफल की दृष्टि से 11वां बड़ा शहर है।
  • डेहरी में पहले से ही कई जिला और प्रमंडल स्तरीय कार्यालय मौजूद हैं, जैसे- डीआईजी (DIG) कार्यालय, सीआईडी (CID) कार्यालय, श्रम विभाग, सिंचाई विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय और पथ निर्माण विभाग।
  • प्रस्तावित डेहरी जिले में 8 प्रखंडों (नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी, अकोढ़ीगोला, राजपुर, नासरीगंज और काराकाट) को शामिल किया गया है, जिनका कुल क्षेत्रफल 1576 वर्ग किलोमीटर है और ये सभी सामाजिक व व्यापारिक रूप से जुड़े हैं।

सरकार का जवाब और सबसे बड़ा पर्दाफाश

विधायक के इन अकाट्य तर्कों के जवाब में मुख्यमंत्री अधीनस्थ ‘सामान्य प्रशासन विभाग’ ने सदन के पटल पर जो लिखित उत्तर रखा है, उसने स्थानीय प्रशासन की पूरी पोल खोल कर रख दी है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी नए जिले या अनुमंडल के गठन के लिए उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “मंत्रियों का समूह” और “सचिवों की समिति” काम करती है। लेकिन, इस समिति के पास प्रस्ताव भेजने की ज़िम्मेदारी स्थानीय जिला पदाधिकारी (DM) और प्रमंडलीय आयुक्त की होती है।

मुख्यमंत्री के सीधे अधीन आने वाले इस विभाग ने विधानसभा को दिए अपने लिखित जवाब में साफ़-साफ़ बताया है:

“इस प्रकार डेहरी को जिला बनाने हेतु उक्त विहित रीति से जिला पदाधिकारी एवं प्रमंडलीय आयुक्त से प्रस्ताव प्राप्त नहीं है।”

प्रशासनिक लापरवाही या गहरी साजिश?

विधानसभा में दिए गए इस ऑन-रिकॉर्ड जवाब के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब अब स्थानीय प्रशासन को देना ही होगा:

  1. जब डेहरी जिला बनने की सभी अर्हताएं (Qualifications) पूरी करता है, तो जिलाधिकारी और आयुक्त ने आज तक इसका प्रस्ताव पटना क्यों नहीं भेजा?
  2. क्या सासाराम में बैठे अधिकारी जानबूझकर डेहरी के विकास और उसके हक़ को दबाने की कोशिश कर रहे हैं?
  3. सालों से चल रहे ‘डेहरी को जिला’ बनाने के आंदोलन की अनदेखी अधिकारियों के स्तर पर क्यों की जा रही है?

अब आगे क्या?
विधायक सोनू सिंह ने सदन में अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए सरकार से जवाब मांग लिया है और सदन की कार्यवाही के ज़रिए पूरी सच्चाई जनता के सामने ला दी है। अब गेंद सीधे तौर पर रोहतास डीएम और शाहाबाद के प्रमंडलीय आयुक्त के पाले में है। पटना का रास्ता सासाराम से होकर गुजरता है। अब डेहरी की जनता और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर स्थानीय प्रशासन से यह जवाब तलब करना होगा कि आखिर डेहरी की फाइल को किस दबाव या लापरवाही के तहत दबा कर रखा गया है?

जब तक डेहरी को उसका हक़ नहीं मिल जाता और प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाता, जन आक्रोश मीडिया की कलम इस मुद्दे पर सवाल पूछती रहेगी।

📢 अब आपकी बारी! डेहरी को जिला बनाने की मुहिम का हिस्सा बनें

सरकार ने तो साफ कह दिया है कि प्रस्ताव रोहतास डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर से लंबित है। अब समय आ गया है कि डेहरी की जनता अपनी ताकत दिखाए और सोए हुए प्रशासन को जगाए।

अगर आप भी चाहते हैं कि डेहरी को उसका हक मिले और इसे जल्द से जल्द जिला घोषित किया जाए, तो नीचे दिए गए बटन/लिंक पर क्लिक करें और सीधे रोहतास DM और शाहाबाद कमिश्नर को ईमेल भेजकर अपनी आवाज़ उठाएं। इसकी एक कॉपी हमारे पास भी आएगी ताकि हमें पता चल सके कि कितने लोग हमारी इस मुहीम से जुड़ें।

👉 यहाँ क्लिक करें: email to DM and Commissioner (लिंक पर क्लिक करते ही एक बना-बनाया ईमेल खुल जाएगा, आपको बस ‘Send’ दबाना है!)

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