डेहरी ऑन सोन: सालों से सरकारी फाइलों में धूल फांक रही ‘डेहरी ऑन सोन-बंजारी’ रेल लाइन परियोजना आखिरकार जमीन पर उतरने को तैयार है। इस असंभव से दिखने वाले कार्य को संभव बनाने का श्रेय शहर की सक्रिय संस्था ‘टीम डेहरीयंस’ के अथक संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति को जाता है। टीम डेहरीयंस द्वारा राष्ट्रपति भवन तक की गई लगातार पैरवी और दबाव का ही नतीजा है कि पूर्व मध्य रेलवे ने 36.4 किलोमीटर लंबी इस नई लाइन के लिए 111.20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है।

टीम डेहरीयंस ने ऐसे लड़ी विकास की लड़ाई
साल 2008 में जब इस रेल लाइन की घोषणा हुई थी, तब क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी काम सिर्फ सर्वे और मिट्टी जांच तक सीमित रहा। जब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता से उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब टीम डेहरीयंस ने इस मुद्दे को अपने हाथों में लिया। संस्था के संस्थापक सह अध्यक्ष चन्दन कुमार के नेतृत्व में टीम ने 15 दिसंबर 2024 को सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को एक तथ्यात्मक और विस्तृत पत्र लिखा। टीम ने इस पत्र में न केवल फंड की मांग की, बल्कि इस लाइन को पिपराडीह होते हुए चोपन तक विस्तार करने का मजबूत तर्क भी रखा।
टीम के एक ईमेल से हरकत में आया रेल मंत्रालय
टीम डेहरीयंस सिर्फ पत्र लिखकर शांत नहीं बैठी, बल्कि लगातार फॉलो-अप करती रही। इसी कड़ी में संस्था ने 13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति सचिवालय को दोबारा ईमेल भेजकर जवाबदेही मांगी। टीम डेहरीयंस की सक्रियता का ही असर था कि उसी दिन राष्ट्रपति सचिवालय ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया। सचिवालय ने तुरंत रेल मंत्रालय को कड़े निर्देश जारी करते हुए उचित कार्रवाई करने और टीम डेहरीयंस को सीधे इसकी जानकारी देने का आदेश दिया।
संघर्ष का परिणाम: रेलवे के बजट में लगी मुहर
राष्ट्रपति कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद रेलवे के पहिए तेजी से घूमे। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य सूची में इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ जगह मिल गई। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, ‘डेहरी ऑन सोन-बंजारी (36.4 किमी)’ नई रेल लाइन के लिए 111.20 करोड़ रुपये (जिसमें कैपिटल 106.10 करोड़ और एस.फंड 5.10 करोड़ शामिल है) मंजूर कर लिए गए हैं। यह सीधे तौर पर टीम डेहरीयंस के मजबूत पत्राचार की जीत है।
टीम डेहरीयंस का विजन: रोहतास के पर्यटन और व्यापार को लगेंगे पंख
संस्था ने अपने पत्राचार में स्पष्ट किया था कि यह सिर्फ एक रेल ट्रैक नहीं है, बल्कि रोहतास के आर्थिक विकास की रीढ़ है।
- पर्यटन क्रांति: टीम का मानना है कि इस लाइन के शुरू होने से रोहतास किला, तुतला भवानी धाम, कशिश वॉटरफॉल, महादेव खोह और इंद्रपुरी बराज जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।
- आदिवासी बहुल क्षेत्रों का विकास: इस रेल लाइन से आदिवासी इलाकों के लाखों लोग सीधे मुख्यधारा और रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
आगे की राह: चोपन तक विस्तार के लिए जारी रहेगा अभियान
फिलहाल रेलवे ने बंजारी तक के लिए फंड आवंटित कर दिया है, जिससे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। लेकिन टीम डेहरीयंस का विजन इससे कहीं बड़ा है। संस्था का लक्ष्य इस लाइन को चोपन (उत्तर प्रदेश) तक ले जाना है, जिससे दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की दूरी 400-500 किलोमीटर कम हो सके। डेहरी की जनता आज 18 साल के इस वनवास को खत्म करने के लिए टीम डेहरीयंस के जज्बे और उनके सफल अभियान की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रही है।
Thanks 🙏🙏
Ha bilkul sahi