डेहरी को जिला बनाने के सवाल पर सरकार की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी! विधायक तक अंधेरे में!

डेहरी-ऑन-सोन | विशेष रिपोर्ट
क्या डेहरी को जिला बनाने की मांग को ठंडे बस्ते में डालने की साजिश रची जा रही है? यह सवाल आज इसलिए गंभीर हो गया है क्योंकि बिहार विधानसभा के मौजूदा सत्र में डेहरी के अस्तित्व से जुड़े सबसे अहम सवाल पर सरकार और प्रशासन ने चुप्पी साध ली है।

AI Generated

क्या है पूरा मामला?
डेहरी विधायक श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने तारांकित प्रश्न संख्या 1132 के माध्यम से सरकार से डेहरी को जिला का दर्जा देने पर जवाब मांगा था। नियमानुसार, इसका उत्तर कल यानी 16 फरवरी 2026 को ही सदन में आना था।
हैरानी की बात यह है कि विधायक द्वारा पूछे गए अन्य लगभग सभी सवालों के जवाब समय पर आ गए। लेकिन, इस खबर के लिखे जाने तक, संबंधित विभाग ने डेहरी को जिला बनाने के प्रश्न पर न तो कोई लिखित जानकारी सार्वजनिक पटल पर रखी है और न ही माननीय विधायक को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना दी गई है।

विभाग की मंशा पर सवाल आखिर ऐसा क्या है इस फाइल में जिसे सरकार छिपा रही है? जब अन्य विकास कार्यों का ब्यौरा दिया जा सकता है, तो जिला बनाने की प्रक्रिया पर यह सन्नाटा क्यों? क्या विभाग जानबूझकर विधायक और डेहरी की जनता को गुमराह कर रहा है?

विधायक का सीधा जवाब: “खुद मंत्री से मिलूंगा”
जब जन आक्रोश मीडिया ने इस बाबत विधायक श्री सोनू सिंह से सवाल किया कि आखिर सरकार मौन क्यों है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि उन्हें भी अभी तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
विधायक ने भरोसा दिलाते हुए कहा:

“नहीं मिला है… मिलेगा। नहीं तो मैं मिलूंगा।”

यानी, विधायक ने साफ कर दिया है कि अगर विभाग ने जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो वे खुद संबंधित मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर डेहरी की जनता की आवाज उठाएंगे।

फिलहाल, डेहरी की जनता और जन आक्रोश मीडिया की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार जवाब देगी, या यह चुप्पी किसी और इशारे की तरफ संकेत है?

नीचे Social Icon पर Click कर अपनी राय साझा करें।

One thought on “डेहरी को जिला बनाने के सवाल पर सरकार की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी! विधायक तक अंधेरे में!

  1. शुरू से ही डेहरी के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है, जब भी चुनाव का समय आता है तो डालमियानगर कारखाना को खुलवाने का मुद्दा उठाकर यहां की भोली भाली जनता को बहला फुसलाकर उनसे वोट ले लिया जाता है और जीतने के बाद फिर डेहरी को उसके बदहाली पर छोड़ दिया जाता है।
    पिछली बार के भी इलेक्शन में चुनाव के समय suwara हवाई अड्डा के पास में इंडस्ट्रियल टेक्सटाइल पार्क खुलवाने का वादा किया गया था,.. चुनाव जीतने के बाद वह सारे वादे हवा हवाई हो गए।
    आज रोजी रोजगार के अभाव में डेहरी का शहर धीरे-धीरे वीरान होते चला जा रहा है.. इसके आसपास के जितने भी गांव देहात थे ..जैसे कि तिलौथू ,अकोदी गोला ..यह सब खुद में डेवलप होकर आगे विकास की ओर बढ़ रहे हैं और डेहरी की मार्केट दिन प्रतिदिन खत्म होते जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *