करोड़ों का राजस्व, फिर भी अनदेखी! टीम डेहरीयंस ने रेलवे को सौंपा ज्ञापन

डेहरी ऑन सोन: पूर्व मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार ‘डेहरी ऑन सोन’ पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव न होने को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार, 2 मार्च 2026 को ‘टीम डेहरीयंस’ के संस्थापक सह अध्यक्ष चन्दन कुमार ने स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से महाप्रबंधक (पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 2 वन्दे भारत सहित 10 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की पुरजोर मांग की गई है।

स्टेशन प्रबन्धक डेहरी को ज्ञापन सौंपते चन्दन कुमार

रेलवे को सर्वाधिक राजस्व, फिर भी डेहरी के साथ भेदभाव क्यों? ज्ञापन में स्पष्ट रूप से रेलवे की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यदि सोनपुर और किशनगंज जैसे स्टेशनों पर एक साथ 10 ट्रेनों का ठहराव दिया जा सकता है, तो डेहरी ऑन सोन के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों?

आंकड़े गवाही देते हैं कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) और गया के बीच ‘NSG-3’ वर्ग का डेहरी ऑन सोन सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला स्टेशन है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस स्टेशन ने रेलवे को 49,05,11,589 रुपये का भारी-भरकम राजस्व दिया है और यहां का यात्री फुटफॉल 56,08,877 रहा है। इसके बावजूद यहां कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं है।

पर्यटन और व्यापार का मुख्य केंद्र है डेहरी ‘टीम डेहरीयंस’ ने रेलवे का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है कि डेहरी ऑन सोन केवल एक शहर नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से एक अहम केंद्र है।

  • पर्यटन: यहां ऐतिहासिक रोहतास किला, महादेव खोह, तुतला भवानी धाम, कशिश वॉटरफॉल, विश्व का चौथा सबसे बड़ा इंद्रपुरी डैम और इकलौता ट्रिपल ट्रैक सोन ब्रिज मौजूद है।
  • व्यापार और उद्योग: यह शाहाबाद प्रमंडल और झारखंड के गढ़वा-पलामू क्षेत्र के लोगों का मुख्य व्यापारिक केंद्र है। यहाँ बियाडा (BIADA) के इंडस्ट्रियल क्षेत्र हैं, 230 एकड़ का विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) प्रस्तावित है और जल्द ही रेलवे का एक्सेल वैगन मरम्मत और कपलर कारखाना भी लगने वाला है।

इस स्टेशन पर 100-150 किलोमीटर दूर से लोग यात्रा करने आते हैं और यह 24 घंटे जागने वाला स्टेशन है।

इन 10 ट्रेनों के ठहराव की हुई मांग: शहर की महत्ता और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए टीम डेहरीयंस ने निम्नलिखित ट्रेनों के ठहराव की मांग की है:

  1. 11427/28 पुणे – जसीडीह एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
  2. 22499/500 वाराणसी – देवघर वन्दे भारत एक्सप्रेस
  3. 12937/38 हावड़ा – गांधीधाम एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
  4. 12357/58 कोलकाता – अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस (द्विसाप्ताहिक)
  5. 22323/24 कोलकाता – गाजीपुर शब्दभेदी एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
  6. 12323/24 हावड़ा – बाड़मेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (द्विसाप्ताहिक)
  7. 20887/88 वाराणसी – राँची वन्दे भारत एक्सप्रेस
  8. 12379/80 सियालदह – अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
  9. 12371/72 हावड़ा – जैसलमेर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
  10. 18427/28 पूरी – आनंद विहार एक्सप्रेस (साप्ताहिक)

राजस्व में होगी करोड़ों की वृद्धि टीम डेहरीयंस के चन्दन कुमार का दावा है कि यदि रेलवे इन 10 ट्रेनों का ठहराव डेहरी ऑन सोन में सुनिश्चित करता है, तो रेलवे को प्रतिवर्ष 8 से 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

अब देखना यह है कि स्थानीय लोगों की इस जायज मांग पर पूर्व मध्य रेलवे का प्रशासन कब तक अपनी नींद से जागता है और डेहरी के विकास को गति प्रदान करता है।

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