डेहरी: 49 करोड़ राजस्व के बावजूद ‘वंदे भारत’ हजारीबाग को, टीम डेहरीयंस का विरोध

डेहरी ऑन सोन (जन आक्रोश ब्यूरो): भारतीय रेलवे ने डेहरी ऑन सोन के यात्रियों को निराश करते हुए यह आधिकारिक घोषणा कर दी है कि रांची-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस (20887/88) का ठहराव 2 मार्च 2026 से हजारीबाग रोड स्टेशन पर शुरू हो जाएगा। यह फैसला डेहरी क्षेत्र के विकास और यहां के यात्रियों की उम्मीदों के लिए एक बड़ा झटका है।

आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के टॉप 150 स्टेशनों की सूची में डेहरी ऑन सोन 20वें स्थान पर है। यह स्टेशन रेलवे को सालाना लगभग 49 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व और 42 लाख से ज्यादा यात्रियों (फुटफॉल) का भार देता है। वहीं, हजारीबाग रोड 44वें स्थान पर है, जिसकी कमाई करीब 18 करोड़ और यात्री संख्या 16 लाख है। इसके बावजूद 2 मार्च से वंदे भारत हजारीबाग रोड पर रुकेगी, लेकिन डेहरी को चिढ़ाती गुजर जाएगी। यह रेलवे की निर्णय प्रक्रिया और उसकी प्राथमिकताओं पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

चंदन कुमार और ‘टीम डेहरीयंस’ का संघर्ष

जहां एक ओर यह अन्याय हो रहा है, वहीं ‘टीम डेहरीयंस’ (Team Dehrians) और इसके संस्थापक चंदन कुमार ने डेहरी की जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया है। टीम डेहरीयंस ने ही ECR के 2024-25 के आधिकारिक आंकड़ों (49 करोड़ vs 18 करोड़) को सामने रखकर रेलवे के इस पक्षपात की पोल खोली है। चंदन कुमार और उनकी टीम जिस तरह से तथ्यों के आधार पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक यह लड़ाई लड़ रहे हैं, वह बेहद काबिले तारीफ है। उनके द्वारा चलाया जा रहा #TeamDehrians और #JusticeWithDOS अभियान अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि डेहरी के स्वाभिमान की अहम लड़ाई बन गया है।

सांसद राजा राम की खामोशी से जनता में निराशा

इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर काराकाट के सांसद राजा राम की चुप्पी क्षेत्र की जनता को निराश कर रही है। यह सही है कि सांसद महोदय विपक्षी दल से प्रतिनिधि हैं और सत्ता पक्ष से फैसले मंजूर करवाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन विपक्ष में होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि क्षेत्र के हक़ की लड़ाई में नरमी बरती जाए। जनता ने उन्हें संसद में अपना पक्ष रखने और अपना हक़ मांगने के लिए चुना है।

एक ऐसा स्टेशन जो रेलवे को इतनी बड़ी कमाई और इतने यात्री दे रहा है, उसके लिए दिल्ली के गलियारों में मजबूती से पैरवी करना उनका प्राथमिक दायित्व है। सांसद राजा राम को अब अपनी खामोशी तोड़कर रेल मंत्रालय पर दबाव बनाना चाहिए और डेहरी की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि वे उनके हक़ के लिए पूरी ताकत से खड़े हैं।

जन आक्रोश का सीधा सवाल

‘जन आक्रोश’ रेल मंत्रालय से पूछता है कि क्या डेहरी ऑन सोन के यात्रियों का पैसा और उनकी सुविधा रेलवे के लिए कोई मायने नहीं रखता? क्या सुविधाएं केवल रसूख के आधार पर बांटी जाएंगी?

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