क्या आपकी ट्रेन भी रास्ते में ही खत्म (शॉर्ट टर्मिनेट) कर दी गई थी और आपको रिफंड नहीं मिला? जानिए TDR और टिकट कैंसिलेशन के वो सूक्ष्म नियम, जो हर रेल यात्री को पता होने चाहिए।
जन आक्रोश मीडिया | डेहरी ऑन सोन
भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ट्रेन के लेट होने, रद्द होने या बीच रास्ते में ही यात्रा खत्म कर देने पर आपके टिकट के पैसे वापस पाने (Refund) के नियम कितने सख्त हैं? कई बार आम यात्री को इन तकनीकी नियमों और समय-सीमा (Time-limit) की जानकारी नहीं होती, जिसका सीधा फायदा रेलवे को होता है और यात्री का पैसा ज़ब्त हो जाता है।

रेलवे के ‘यात्री (टिकट रद्दकरण और किराए का प्रतिदाय) नियम, 2015’ के तहत कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं, जो रिफंड के लिए बेहद सख्त डेडलाइन तय करते हैं। आइए जानते हैं वो नियम जो आपके पैसे बचा सकते हैं:
1. अकल्पित परिस्थितियों या ट्रेन रद्द होने पर ‘3 दिन’ का नियम
अगर आपकी ट्रेन किसी दुर्घटना, बाढ़ या अन्य अकल्पित परिस्थितियों के कारण रद्द हो जाती है या गंतव्य से पहले ही समाप्त (Short Terminate) कर दी जाती है, तो आपको रिफंड के लिए अपनी टिकट (या ऑनलाइन TDR) निर्धारित प्रस्थान के दिन को छोड़कर अधिकतम तीन दिन (72 घंटे) के भीतर फाइल करनी होती है। अगर आप इसके बाद क्लेम करते हैं, तो आपका रिफंड “समय-सीमा समाप्त” होने का हवाला देकर खारिज कर दिया जाएगा।
2. कंफर्म टिकट पर ‘4 घंटे’ का अल्टीमेटम
अगर आपका टिकट कंफर्म है और आप किसी कारण से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 4 घंटे पहले अपना टिकट रद्द (Cancel) करना होगा। 4 घंटे की इस समय-सीमा के बीत जाने के बाद, या ट्रेन छूटने के बाद अगर आप TDR फाइल करते हैं, तो आपको एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा।
3. वेटिंग (WL) और आरएसी (RAC) के लिए ’30 मिनट’ की डेडलाइन
अगर आपके पास वेटिंग लिस्ट (WL) या RAC टिकट है और आप उसे कैंसिल करना चाहते हैं, तो यह काम आपको ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक कर लेना चाहिए। 30 मिनट की यह सीमा पार होने के बाद RAC या वेटिंग ई-टिकट पर किराए का कोई रिफंड स्वीकार नहीं किया जाता है।
4. ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो पूरा पैसा वापस
अगर आपकी ट्रेन शुरुआती स्टेशन से ही 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट चल रही है और आप इस वजह से यात्रा नहीं करना चाहते, तो रेलवे कोई कैंसिलेशन चार्ज (कटौती) नहीं लेगा और आपको पूरा रिफंड मिलेगा। लेकिन इसकी शर्त यह है कि ई-टिकट के मामले में आपको ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान समय से पहले ही ऑनलाइन TDR (टिकट जमा रसीद) फाइल करनी होगी। अगर ट्रेन स्टेशन से निकल गई और आपने उसके बाद रिफंड क्लेम किया, तो कुछ नहीं मिलेगा।
5. एसी (AC) काम न करे तो ’20 घंटे’ के भीतर करें क्लेम
अगर आपने AC कोच का टिकट लिया है लेकिन रास्ते में AC काम नहीं कर रहा है, तो आप किराए के अंतर का रिफंड मांग सकते हैं। इसके लिए आपको ट्रेन के TTE (टिकट चेकिंग स्टाफ) से एक प्रमाणपत्र (Certificate) बनवाना होगा जिसमें लिखा हो कि AC खराब था। सबसे अहम बात: यह प्रमाणपत्र और टिकट आपको ट्रेन पहुँचने के 20 घंटे के भीतर प्रस्तुत करना होगा, तभी रिफंड मिलेगा।
6. कंफर्म तत्काल टिकट पर कोई रिफंड नहीं
अगर आपने तत्काल कोटे में टिकट बुक किया है और वह कंफर्म हो गया है, तो उसे कैंसिल करने पर रेलवे के नियमों के अनुसार कोई रिफंड नहीं दिया जाता है ।
जागरूक बनें, अपना हक मांगें!
रेलवे के ये नियम इतने बारीक हैं कि अक्सर यात्री अपना पैसा छोड़ देते हैं। इस मुद्दे की तह तक जाने के लिए सूचना के अधिकार (RTI) के तहत रेलवे बोर्ड से यह जानकारी भी मांगी गई है कि आखिर ऐसे कितने यात्री हैं जिनका पैसा केवल “समय पर TDR फाइल न करने” के कारण रेलवे के पास ही फंसा रह गया। जब तक यह डेटा सामने आता है, तब तक आप इन नियमों को याद रखें और अपना रिफंड क्लेम समय पर करें!