डेहरी-डालमियानगर | जन आक्रोश डेस्क
साल 2009, सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण स्टारडम वाली एक चलचित्र (मूवी) आई थी, नाम था—लव आज कल। इसी चलचित्र का एक बहुत ही प्रसिद्ध गाना है जिसमें गायक इच्छा जता रहा है कि उसके और उसकी माशूका के बीच की जो भी दूरियां हैं वो खत्म हो जाएं। अब तक तो आप लोग समझ ही गए होंगे, संभवतः गुनगुनाने भी लगे होंगे— “ये दूरियां, इन राहों की दूरियां…… ‘फना हों सभी दूरियां’।”

माशूक और माशूका के बीच की दूरियां घटी हों या ना घटी हों, यह तो चर्चा का विषय है, लेकिन दो स्थानों के बीच की दूरियां ‘फना’ ज़रूर हो गई हैं। मज़ाक नहीं! सच्ची!! और यह कारनामा कर दिखाया है हमारे नगर परिषद डेहरी-डालमियानगर ने।
वेलेंटाइंस वीक और दूरियों का गणित
वेलेंटाइंस वीक चल रहा है और फिजाओं में प्यार है, शायद इसीलिए नगर परिषद को लगा कि डालमियानगर और अकोढ़ीगोला को करीब ले आना चाहिए। हकीकत यह है कि गूगल मैप्स (Google Maps) के अनुसार, एकता चौक से अकोढ़ीगोला की दूरी लगभग 5.4 किलोमीटर है। लेकिन नगर परिषद के एक ‘जादुई’ साइन बोर्ड ने इसे घटाकर महज 300 मीटर कर दिया है।
किताब का कवर: बाहर से चकाचक, अंदर सफाचट
जब आप डेहरी की तरफ से रत्तु बिगहा (डालमियानगर) जाएंगे और डालमियानगर थाना सीमा प्रारम्भ का एक धूल फांकता बोर्ड दिखेगा, उससे थोड़ा आगे बढ़ते आपको एक गगनचुंबी साइन बोर्ड दिखेगा।
- सबसे ऊपर बाईं ओर: “स्वच्छ डेहरी”
- दाईं ओर: “सुंदर डेहरी”
- बीच में: सन्नाटा! (बिल्कुल खाली)
300 मीटर का ‘लोचा’
अब आते हैं उस गणित पर जिसने भूगोल हिला दिया। इस बोर्ड पर एक ही दिशा (बाएं) में जाने के लिए दो तीर बने हैं:
- अकोढ़ीगोला: 1.5 Km
- एकता चौक: 1.2 Km

सीधा सा हिसाब है, अगर 1.5 किमी में से 1.2 किमी घटा दें, तो एकता चौक से अकोढ़ीगोला की दूरी बचती है सिर्फ 300 मीटर। यानी नगर परिषद के हिसाब से आप एकता चौक पर खड़े होकर पत्थर फेंकेंगे तो वो सीधे अकोढ़ीगोला में गिरेगा!
गूगल फेल, बाबू पास?
अमेरिका में बैठे गूगल बाबा के चेले ‘गूगल मैप्स’ को लगता है कि असल दूरी 5 किमी है, लेकिन चंद किलोमीटर पर बैठे हमारे नगर परिषद के आला अधिकारियों और पार्षदों को तो ‘शॉर्टकट’ मिल गया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर परिषद अधिकारी अपनी इस ‘रोमांटिक गलती’ को सुधारते हैं या फिर “सब चंगा सी” सोचकर छोड़ देते हैं। तब तक आप भी गुनगुनाते रहिए— “ये दूरियां… फना हो सभी दूरियां!”
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चमत्कार वो भी लाज़वाब! भाई अपने आप में सबसे बड़ी चमत्कार तो बिहार सरकार २०२५ – ३० है, डेहरी नगर परिषद भी तो इसी सरकार का एक हिस्सा है फिर अगर इन्होंने एकता चौक से अकोढ़ी गोला को ३०० मीटर में समेट लिया तो एक ‘वाह ‘ तो बनता ही है। 🥳
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