नामकरण की भेंट चढ़ेगा डेहरी का विकास!

डेहरी (रोहतास)। बिहार की राजनीति में गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद नई बात नहीं है, इसी कड़ी में डेहरी विधानसभा क्षेत्र में एनडीए के दो प्रमुख नेताओं के बीच नामकरण को लेकर उठा विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।


वर्तमान विधायक और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जुड़े राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह ने अपने ही गठबंधन के पूर्व विधायक सतनारायण यादव (भाजपा) की मां के नाम पर उनके विधायक रहते एनिकट झारखंडी बाबा स्थित पार्क के नाम का विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी को नाम बदल झारखंडी बाबा के नाम पर पार्क का नामकरण करने का अनुरोध भी किया है।

दूसरी ओर, पूर्व विधायक सतनारायण यादव ने मौजूदा विधायक सोनू सिंह की उस टिप्पणी को लपक लिया, जिसमें उन्होंने डेहरी रेलवे स्टेशन का नाम अपने पिता के नाम पर रखने की बात कही थी। सतनारायण यादव ने सत्य रिपोर्ट को दिए एक साक्षात्कार (https://www.facebook.com/share/v/1X9c5c2GCk/) में सोनू सिंह पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसते हुए उन्हें “बुद्धिहीन” और “अहसान फरामोश” तक कह दिया।

इस बीच, सोनू सिंह ने बिहार साथी न्यूज़ को दिए अपने बयान (https://www.facebook.com/share/v/1AUEJjsxfN/) में 1980 के दशक में डेहरी से सिख, मारवाड़ी और वैश्य समाज के लोगों के पलायन में अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व विधायक सतनारायण यादव की कथित भूमिका का आरोप लगाया है, जिससे विवाद और तूल पकड़ रहा है।

जन सुराज पार्टी के दिग्गज नेता अभिषेक सांकृत ने इस पूरे विवाद को “राजनीतिक स्टंट” करार दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधायक अदूरदर्शी (विजन लेस) हैं, उन्हें अपने पद उसकी गरिमा और शक्ति की परिभाषा ही ज्ञात नहीं है इसलिए वे जनता का ध्यान भटकाने के लिए नामकरण जैसे मुद्दों पर उलझा लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। यहां तक कि स्वर्गीय माता-पिता को भी इस राजनीति में घसीटा जा रहा है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।

अभिषेक सांकृत ने आगे कहा कि एनडीए और राजद दोनों ही भटकाव की राजनीति करते हैं। उन्होंने डेहरी नगर परिषद (राजद प्रभाव) और राज्य सरकार (एनडीए) द्वारा गरीब ठेला व रेहड़ी-पटरी वालों को सड़क किनारे से हटाकर डेहरी अनुमंडल रोड़ स्थित तिकोना स्थान पर स्थानांतरित करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सत्य रिपोर्ट को दिए गए इंटरव्यू में पूर्व विधायक सतनारायण यादव के बयान के अनुसार, राजद-भाजपा मिलकर उसी स्थान पर नया पार्क बनाने की योजना बना रही है, जबकि गरीबों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें अब वहां से बेदखल नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे गरीबों से किए गए वादाखिलाफी की संज्ञा दी और कहा कि एनडीए राजद का चरित्र ही गरीब विरोधी है।

वैसे ठंड का मौसम धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन डेहरी का सियासी तापमान तेजी से चढ़ रहा है। यह विवाद स्थानीय स्तर पर एनडीए के आंतरिक समन्वय पर सवाल भी खड़े कर रहा है।

इस मुद्दे पर आपकी राय क्या है? हमें फेसबुक पेज या ईमेल connect@janaakrosh.com पर जरूर बताएं।

One thought on “नामकरण की भेंट चढ़ेगा डेहरी का विकास!

  1. Chalo issi bahane news me dikhenge log… Ye log to sawargiya mata pita ko hi la rahe hai hamare purva vidhayak to sidhe Bramha Saraswati dev Devi par politics khelte the.. pata nahi hamare dehri ka uddhar hoga v ki nahi

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