वाशिंगटन डीसी | 3 मार्च, 2026
ईरान पर अमेरिका के भीषण हमलों और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद आज अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “एकतरफा” सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अमेरिकी सीनेट ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उनकी युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।
सीनेट में ट्रंप की घेराबंदी: 51-49 का ऐतिहासिक वोट
आज सीनेट में हुए नाटकीय मतदान में 51-49 के अंतर से ‘War Powers Resolution’ को मंजूरी दी गई। ट्रंप के लिए सबसे बड़ा झटका उनकी अपनी ही पार्टी के 3 रिपब्लिकन सीनेटरों का विद्रोह रहा, जिन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर लगाम लगाने के पक्ष में वोट दिया।
विपक्ष का नेतृत्व कर रहे सीनेटर टिम केन ने कड़े शब्दों में कहा, “यह कोई बचाव अभियान नहीं, बल्कि एक पूर्ण युद्ध है जिसकी अनुमति कांग्रेस से नहीं ली गई। हम राष्ट्रपति को बिना जवाबदेही के दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेलने की इजाजत नहीं दे सकते।”
ट्रंप का पलटवार: ‘वीटो’ की तैयारी
सीनेट के इस फैसले के तुरंत बाद व्हाइट हाउस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह इस प्रस्ताव पर वीटो (Veto) करेंगे। ट्रंप का तर्क है कि ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करना अमेरिकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य था और वह “आतंकवाद के गढ़” को खत्म करने तक पीछे नहीं हटेंगे।
वैश्विक बाजारों में हाहाकार: $148 पार पहुँचा कच्चा तेल
युद्ध की आहट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के डर ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को हिला दिया है:
- तेल का संकट: कच्चे तेल की कीमतें $148 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
- शेयर बाजार डूबा: वॉल स्ट्रीट का Nasdaq इंडेक्स 4.2% लुढ़क गया है। निवेशकों ने भारी बिकवाली की है, जिससे खरबों डॉलर स्वाहा हो गए हैं।
- सोने में तेजी: अनिश्चितता के माहौल में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
मार्को रुबियो की चेतावनी: “अभी और हमले होंगे”
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की गवाही में स्पष्ट कर दिया कि अगर ईरान के समर्थित गुटों (हूती और हिजबुल्लाह) ने जवाबी हमला जारी रखा, तो अमेरिका ईरान की तेल रिफाइनरियों को पूरी तरह तबाह कर देगा। फिलहाल, हमलों में 780 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि अमेरिका ने भी अपने 3 सैनिकों के शहीद होने की पुष्टि की है।
आगे क्या?
पूरी दुनिया की नजरें अब आज रात होने वाले राष्ट्रपति ट्रंप के ‘ओवल ऑफिस’ संबोधन पर टिकी हैं। क्या ट्रंप सीनेट के फैसले को चुनौती देकर युद्ध जारी रखेंगे या कूटनीति का रास्ता अपनाएंगे? janaakrosh.com आपको पल-पल की अपडेट देता रहेगा।