डेहरी-ऑन-सोन: जहाँ एक ओर भारत सरकार आम जनमानस को आश्वस्त कर रही है कि देश में प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम की कोई कमी नहीं है, वहीं रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन में गैस वितरकों का रवैया उपभोक्ताओं के बीच कृत्रिम गैस संकट और पैनिक फैला रहा है। ताजा मामला शहर की ‘वंदना इंडेन’ (Vandana Indane) गैस एजेंसी से जुड़ा है, जहाँ होम डिलीवरी के नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों का न केवल मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड (SLA) में भी हेरफेर के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

सात दिन बाद भी डिलीवरी नहीं, सिस्टम में कर दिया ‘Invoiced’ प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के एक उपभोक्ता मो. दिलशाद आलम ने बीते 4 अप्रैल 2026 को प्रीपेड मोड में गैस रिफिल बुक किया था । सोमवार के साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर 7 कार्य दिवस बीत जाने के बावजूद भी गैस की भौतिक डिलीवरी नहीं की गई। हैरानी की बात यह है कि विभागीय रिकॉर्ड को दुरुस्त दिखाने के लिए एजेंसी ने 10 अप्रैल को ही सिस्टम में कैश मेमो जनरेट कर स्टेटस को ‘Invoiced’ कर दिया। यह स्पष्ट रूप से कागजी हेरफेर और सेवा में धोखाधड़ी का मामला है।
होम डिलीवरी व्यवस्था ठप, गोदाम से गैस लाने की मजबूरी एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी व्यवस्था को जानबूझकर बाधित करने की भी बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, डिलीवरी कर्मियों को कार्य पर न भेजकर ग्राहकों को विवश किया जा रहा है कि वे गोदाम से स्वयं गैस प्राप्त करें। इससे पूर्व 1 मार्च की बुकिंग में भी अत्यधिक विलंब होने पर, उपभोक्ता को एजेंसी के मैनेजर के आग्रह पर 9 मार्च को स्वयं गोदाम जाकर गैस लानी पड़ी थी। वर्तमान मामले में जब उपभोक्ता द्वारा लगातार व्हाट्सएप और कॉल के माध्यम से मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया और घोर उदासीनता बरती गई।
KYC के नाम पर अवैध वसूली की भी शिकायत इस अव्यवस्था के बीच एक और गंभीर मामला संज्ञान में आया है। स्थानीय स्तर पर ऐसी सूचनाएं लगातार मिल रही हैं कि उक्त गैस वितरक सहित नगर के अन्य वितरकों द्वारा KYC अपडेट के नाम पर ग्राहकों से अवैध रूप से ₹190 की वसूली की जा रही है । नियमों के विरुद्ध ग्राहकों से यह अतिरिक्त शुल्क लिया जाना सीधे तौर पर आर्थिक शोषण है।
पेट्रोलियम मंत्रालय तक पहुंचा मामला वंदना इंडेन की इस मनमानी और लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ 12 अप्रैल 2026 को भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ‘पीजी पोर्टल’ (PGPortal) पर पुख्ता साक्ष्यों के साथ आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है । इस शिकायत (पंजीकरण संख्या: MPANG/E/2026/0020254) को त्वरित संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए बिहार स्टेट ऑफिस के डीजीएम (DGM LPG-S) को सौंप दिया गया है ।
अब देखना यह है कि पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित अधिकारी कागजों में हो रहे इस खेल और KYC के नाम पर हो रही अवैध वसूली पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, और उपभोक्ताओं को इस कृत्रिम गैस संकट से कब निजात मिलती है।
जनता से अपील: अपनी आवाज बुलंद करें
जन आक्रोश मीडिया तमाम उपभोक्ताओं से यह आह्वान करता है कि यदि आप भी गैस वितरण की इस अव्यवस्था के शिकार हैं, तो चुप न बैठें।
- यदि आपकी गैस बुकिंग के कई दिन बीत जाने के बाद भी आपको डिलीवरी नहीं मिल रही है,
- या आपको गैस एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी देने के बजाय स्वयं गोदाम या किसी अन्य स्थान से सिलेंडर उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है,
- अथवा आपसे भी KYC अपडेट करने के नाम पर ₹190 या उससे अधिक की अवैध वसूली की गई है,
तो अपनी समस्या का एक छोटा सा वीडियो मैसेज बनाएं और नीचे दिए गए WhatsApp Button पर क्लिक कर सीधे हमें भेजें। आपकी आवाज प्रशासन तक पहुँचाने और इस मनमानी के खिलाफ लड़ने में ‘जन आक्रोश मीडिया’ आपकी पूरी मदद करेगा। वीडियो में अपना नाम, अपने गैस वितरक का नाम, और अपनी ग्राहक संख्या अवश्य बताएं।
आइए, मिलकर इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएं।
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