कविता: ‘अब नहीं आऊंगा दोस्त…’ -लाठियां खाकर लौटते बिहारी मज़दूरों का दर्द

"अब नहीं आऊंगा दोस्त... बता देना उन्हें।" गैस संकट, छिनता रोज़गार और उधना स्टेशन पर पुलिस…