डेहरी ऑन सोन | जन आक्रोश ब्यूरो
रोहतास जिले का पुनर्गठन कर ‘डेहरी’ को नया जिला बनाने की दशकों पुरानी मांग अब महज़ नारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बिहार सरकार के शीर्ष प्रशासनिक गलियारों तक पहुँच चुकी है। ‘जन आक्रोश मीडिया’ और ‘टीम डेहरियंस’ द्वारा चलाए जा रहे व्यापक डिजिटल ई-मेल और सहयोग पोर्टल अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अपना आधिकारिक जवाब पत्र जारी कर दिया है।
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क्या है सामान्य प्रशासन विभाग का जवाब?
जन आक्रोश मीडिया के संस्थापक और संपादक मो. दिलशाद आलम द्वारा बिहार सरकार के ‘सहयोग पोर्टल’ पर दर्ज की गई आधिकारिक मांग (पंजीयन सं0-REF498611) पर सीधे पटना सचिवालय से जवाब आया है। सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव, श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह द्वारा जारी किए गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य में किसी भी नए जिला, अनुमंडल, प्रखंड या अंचल का पुनर्गठन एक ‘नीतिगत निर्णय’ (Policy Decision) है।
पत्र में आगे कहा गया है कि “इस पर सक्षम प्राधिकार द्वारा अलग से निर्णय लिया जायेगा”।
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ठंडे बस्ते में नहीं, ‘प्रशाखा-25′ में गई फाइल
इस पत्र की सबसे अहम बात यह है कि सरकार ने डेहरी की इस मांग को खारिज नहीं किया है, बल्कि इसे आधिकारिक रूप से संज्ञान में लिया है। ज्ञापांक-18/लो0सं0-15-11/2026 के तहत, इस पत्र की प्रतिलिपि सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार (पटना) की ‘प्रशाखा-25’ के अवर सचिव को “सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु” प्रेषित कर दी गई है।
इसका सीधा अर्थ है कि डेहरी को जिला बनाने की फाइल अब पटना सचिवालय में आधिकारिक रूप से खुल चुकी है और संबंधित विभाग इस पर नज़र बनाए हुए है।

विधानसभा से लेकर सचिवालय तक गूंज रही आवाज़
विदित हो कि हाल ही में बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र में डेहरी के विधायक श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ सोनू सिंह ने भी यह मुद्दा (तारांकित प्रश्न सं. 18/2/1715) उठाया था। सरकार ने तब जवाब दिया था कि नए जिले का गठन संबंधित जिलाधिकारी (DM) और प्रमंडलीय आयुक्त के प्रस्ताव पर निर्भर करता है।
इसी जवाब के आधार पर ‘जन आक्रोश’ और ‘टीम डेहरीअन्स’ के आह्वान पर अब तक 60 से अधिक नागरिकों ने जिलाधिकारी और कमिश्नर को व्यक्तिगत ईमेल भेजकर डेहरी को जिला बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजने की मांग की थी।
अब आगे क्या?
सामान्य प्रशासन विभाग का यह जवाब एक बड़ी जीत है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। चूंकि पटना से यह स्पष्ट हो गया है कि नए जिले का फैसला एक ‘नीतिगत निर्णय’ है, जिसके लिए ज़मीनी प्रस्ताव की आवश्यकता होगी, इसलिए अब सारा दारोमदार रोहतास के वर्तमान जिलाधिकारी महोदय पर आ गया है।
डेहरी अनुमंडल और आस-पास के 8 प्रखंडों (नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी, अकोढ़ी गोला, राजपुर, नासरीगंज और काराकाट) की जनता की अब यही मांग है कि रोहतास डीएम महोदय अविलंब डेहरी को जिला बनाने का भौगोलिक और प्रशासनिक प्रस्ताव तैयार कर पटना भेजें, ताकि ‘सक्षम प्राधिकार’ इस पर अपना अंतिम नीतिगत फैसला ले सके।
‘जन आक्रोश मीडिया‘ आम जनता से यह अपील करता है कि इस ऐतिहासिक मुहिम से जुड़ें रहें। हम सरकार के हर कदम की निगरानी करते रहेंगे और डेहरी के हक़ की आवाज़ को अंजाम तक पहुँचाकर ही दम लेंगे।