डेहरी ऑन सोन | जन आक्रोश मीडिया
पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू-गया रेलखंड का प्रमुख केंद्र और NSG-3 श्रेणी का स्टेशन होने के बावजूद डेहरी-ऑन-सोन (DOS) रेलवे स्टेशन लगातार उपेक्षा का शिकार है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 53 करोड़ रुपये का भारी राजस्व देने और ऐतिहासिक व व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद, 26 से अधिक प्रमुख प्रीमियम ट्रेनें (राजधानी, डुरोंटो, वंदे भारत आदि) डेहरी को बिना रुके पार कर जाती हैं।
रेलवे की इस घोर उपेक्षा और 25 लाख की आबादी (रोहतास, औरंगाबाद और पलामू) के अधिकारों को लेकर अब एक बड़ा डिजिटल जन-आंदोलन शुरू हो गया है। स्थानीय नागरिक समूह ‘टीम डेहरियन्स‘ और आपके अपने न्यूज़ पोर्टल ‘जन आक्रोश मीडिया’ ने एक साझा ‘ईमेल महा-अभियान’ की शुरुआत की है।

क्या हैं प्रमुख मांगें?
इस मुहीम के तहत रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों और स्थानीय सांसदों को सीधे ईमेल भेजकर निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं:
- सियालदह-बीकानेर डुरोंटो, दुर्गियाना एक्सप्रेस, गर्भा एक्सप्रेस और पुणे-जसीडीह सहित 26 प्रमुख ट्रेनों का डेहरी में ठहराव।
- सासाराम-पटना पैसेंजर (53211/12) का डेहरी तक विस्तार ताकि आरा, बिहटा और दानापुर की दैनिक कनेक्टिविटी मिल सके।
- पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस का ‘सोन नगर’ के बजाय डेहरी में दिशा-परिवर्तन (Reversal)।
- बनारस-देहरादून एक्सप्रेस का डेहरी होते हुए गया तक विस्तार।
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एक क्लिक में जुड़ें इस महा-अभियान से इस मुहीम को आम जनता के लिए बेहद आसान बनाया गया है। अब किसी को भी लंबा पत्र टाइप करने या ईमेल आईडी खोजने की जरूरत नहीं है। ‘जन आक्रोश मीडिया’ की वेबसाइट पर दिए गए “एक क्लिक में रेल मंत्री को ईमेल भेजें” बटन पर क्लिक करते ही आपका ईमेल ऐप (Gmail आदि) खुल जाएगा। उसमें रेल मंत्री से लेकर DRM तक की ईमेल आईडी, विषय और पूरा मांग-पत्र अपने-आप भरा हुआ मिलेगा। आपको बस पत्र के अंत में अपना नाम और पता लिखकर ‘Send’ कर देना है।
महत्वपूर्ण सूचना (पारदर्शिता हेतु):
इस ईमेल अभियान को पूरी तरह से पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए एक तकनीकी व्यवस्था की गई है। जब आप वेबसाइट के बटन पर क्लिक करके ईमेल भेजेंगे, तो उस ईमेल के BCC (Blind Carbon Copy) में ‘टीम डेहरियंस’ (teamdehrians@gmail.com) और ‘जन आक्रोश मीडिया’ (letters@janaakrosh.com) का आधिकारिक ईमेल अपने-आप जुड़ जाएगा।ये भी पढ़ें: डेहरी: 49 करोड़ राजस्व के बावजूद ‘वंदे भारत’ हजारीबाग को, टीम डेहरीयंस का विरोध
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि हमारे पास इस बात के स्पष्ट और सटीक आँकड़े मौजूद रहें कि कितने जागरूक नागरिकों ने इस मुहीम में हिस्सा लिया है। जब हम इन हजारों ईमेल का सम्मिलित आँकड़ा रेलवे बोर्ड के समक्ष रखेंगे, तो हमारी यह सामूहिक आवाज़ और भी अधिक मजबूत होगी।
अपील:
डेहरी और इस पूरे परिक्षेत्र के विकास के लिए यह एक निर्णायक लड़ाई है। ‘टीम डेहरियन्स’ और ‘जन आक्रोश मीडिया’ आप सभी क्षेत्रवासियों से अपील करता है कि इस लिंक पर जाएँ, ईमेल भेजें और इस मुहीम को अपने हर व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर साझा करें।
(नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें और आज ही अपना अधिकार मांगें!)
क्लिक करते ही आपका ईमेल ऐप खुल जाएगा