नई जमीन तैयार कर रहा ‘Dial Dehri’: ईमानदार युवाओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी

अभिषेक सांकृत बोले—मेरा लक्ष्य चुनाव लड़ना नहीं, ऐसे प्रतिनिधि तैयार करना है जो ईमानदारी से वार्ड, पंचायत और नगर निकाय की जिम्मेदारी संभाल सकें; स्वयंसेवकों के जरिए स्थानीय समस्याओं और विकास के विजन को भी मंच देने की योजना

डेहरी ऑन सोन । जन आक्रोश मीडिया

डेहरी की स्थानीय राजनीति में एक ऐसी पहल आकार लेती दिखाई दे रही है, जिसका असर आने वाले समय में वार्ड, पंचायत और नगर निकाय की राजनीति तक दिखाई दे सकता है। क्षेत्र की सामाजिक संस्था ‘Dial Dehri’ के संस्थापक एवं जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता और उद्योगपति अभिषेक सांकृत ने ‘डेहरी के परिवर्तनवाहक’ नाम से एक अभियान शुरू किया है।

अभियान का घोषित उद्देश्य केवल भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों—विशेषकर युवाओं—की पहचान करना है, जो अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्ण ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करना चाहते हैं।

‘Dial Dehri’ की ओर से जारी डिजिटल फॉर्म में लोगों से जुड़ने की अपील की गई है। फॉर्म में व्यक्ति की स्थानीय पहचान, क्षेत्र और अन्य जानकारियों के साथ यह भी पूछा जा रहा है कि वह डेहरी में बदलाव के लिए किस प्रकार योगदान देना चाहता है। इसमें ‘स्वयंसेवक/Volunteer’ और ‘चुनाव लड़कर’ जैसे विकल्प दिए गए हैं।

‘चुनाव लड़ना’ अभिषेक सांकृत का लक्ष्य नहीं

इस अभियान को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात अभिषेक सांकृत ने जन आक्रोश मीडिया से बातचीत में स्पष्ट की है।

उन्होंने बताया कि उनका स्वयं स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ने का कोई उद्देश्य नहीं है। उनके अनुसार, अभियान का मूल लक्ष्य ऐसे लोगों को चिन्हित करना है जो अपने वार्ड, पंचायत या नगर निकाय का प्रतिनिधित्व ईमानदारी से करना चाहते हैं और अपने आसपास फैली अव्यवस्था, भ्रष्टाचार तथा अपराधीकरण से क्षुब्ध हैं।

सांकृत के अनुसार, ऐसे संभावित जनप्रतिनिधियों को केवल चिन्हित करने तक सीमितzx x नहीं रखा जाएगा। ‘Dial Dehri’ उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने और चुनावी मैदान में उतारकर जिताने की कोशिश करेगा।

यानी अभियान का मॉडल सीधे तौर पर यह नहीं है कि अभिषेक सांकृत स्वयं चुनावी राजनीति में उतरें। बल्कि विचार यह है कि स्थानीय स्तर पर नए और ईमानदार नेतृत्व को तैयार किया जाए तथा उसे राजनीतिक रूप से सक्षम बनाया जाए।

‘परिवर्तनवाहक’ में दो रास्ते—स्वयंसेवा या चुनाव

अभियान की संरचना में एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू भी सामने आता है।

जो लोग स्वयं चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन अपने मोहल्ले, गांव या वार्ड के विकास को लेकर गंभीर हैं, उनके लिए स्वयंसेवक बनने का विकल्प रखा गया है।

ऐसे स्वयंसेवकों से अपेक्षा है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं और उसके विकास का अपना विजन सामने रखें और उसे उचित मंच तक पहुंचाने में भूमिका निभाएं।

सांकृत के अनुसार, इन लोगों की भूमिका केवल किसी राजनीतिक अभियान में भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं होगी। उद्देश्य ऐसे नागरिकों का नेटवर्क तैयार करना है जो अपने इलाके के विकास की योजना और जरूरतों को सामने रखें और आगे होने वाले बदलाव के साक्षी और सहभागी बनें।

पंचायत से वार्ड तक माइक्रो-लेवल डेटा जुटाने की कोशिश

‘Dial Dehri’ के अभियान की एक खास बात इसका स्थानीय स्तर पर डेटा जुटाने का प्रयास है।

उपलब्ध फॉर्म में डेहरी, अकोढ़ीगोला और डेहरी नगर परिषद जैसे क्षेत्रों को लक्षित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर तक जानकारी मांगी जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्र के लिए डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के वार्ड नंबर की जानकारी लेने का प्रावधान है।

इससे संकेत मिलता है कि अभियान केवल व्यापक नारों तक सीमित रहने के बजाय मोहल्ला, वार्ड और पंचायत स्तर पर संगठनात्मक आधार तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

यही वजह है कि ‘परिवर्तनवाहक’ अभियान को सामान्य जनजागरूकता अभियान से अलग देखा जा रहा है।

भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अपराधीकरण के खिलाफ मुखर तेवर

‘Dial Dehri’ के अभियान संदेश में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। अभियान डेहरी को भ्रष्टाचार और अन्य सामाजिक समस्याओं से मुक्त कराने की बात करता है।

यही बात इस अभियान की पत्रकारिता-योग्य कहानी को भी महत्वपूर्ण बनाता है—क्योंकि यहां सवाल केवल आरोपों का नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति के लिए वैकल्पिक नेतृत्व तैयार करने की कोशिश का है। क्योंकि ज़्यादातर लोग जो अपने आप को पंचायत या नगरीय राजनीति में स्वयं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रोजेक्ट कर रहे हैं देखा यह जा रहा है कि वे पूर्व या वर्तमान निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं जिससे उनकी नियति पर शक होना लाज़मी है।

क्या डेहरी में तैयार हो रहा है नया स्थानीय राजनीतिक नेटवर्क?

सबसे बड़ा सवाल यही है।

यदि ‘Dial Dehri’ अपनी योजना के मुताबिक ऐसे युवाओं और नागरिकों की पहचान कर उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार करता है, तो इसका प्रभाव आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों तक पहुंच सकता है।

वार्ड से लेकर पंचायत तक उम्मीदवारों की पहचान, स्थानीय समस्याओं का डेटा, विकास का विजन और स्वयंसेवकों का नेटवर्क—ये चारों चीजें किसी भी स्थानीय राजनीतिक अभियान के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती हैं।

लेकिन फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह अभियान चुनावी राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव पैदा करेगा। क्योंकि देखा गया है कि स्थानीय लोग जलजमाव, गंदगी, टूटी सड़कों, इत्यादि से परेशान तो हैं लेकिन उनकी दिलचस्पी इसके पीछे के भ्रष्टाचार और वोटिंग वाले दिन अपना गुस्सा दिखाने में नहीं है। लेकिन अब इतना जरूर दिख रहा है कि ‘परिवर्तनवाहक’ अभियान ने स्थानीय प्रतिनिधित्व के सवाल को सीधे नागरिकों और युवाओं के बीच ले जाने की कोशिश शुरू कर दी है।

असली परीक्षा जमीन पर होगी

किसी अभियान की वास्तविक ताकत उसके नारों से नहीं, बल्कि उसके स्थायी संगठन, पारदर्शिता, उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया और जमीन पर किए गए काम से तय होती है।

‘Dial Dehri’ के सामने भी अब यही चुनौती होगी।

क्या वह वास्तव में ईमानदार और सक्षम युवाओं को खोज पाएगा?

क्या स्वयंसेवकों का नेटवर्क मोहल्ले और पंचायत स्तर तक सक्रिय हो पाएगा?

क्या चुने गए संभावित उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने और जीतने के लिए प्रभावी राजनीतिक सहयोग मिल पाएगा?

और सबसे महत्वपूर्ण—क्या यह पहल स्थानीय राजनीति में पैसे, प्रभाव और पुराने राजनीतिक समीकरणों के सामने एक विश्वसनीय विकल्प खड़ा कर पाएगी?

इन सवालों के जवाब आने वाले महीनों में सामने आएंगे।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि ‘Dial Dehri’ ने डेहरी की स्थानीय राजनीति में एक ऐसा प्रयोग शुरू किया है, जिसमें लक्ष्य सिर्फ व्यवस्था पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि व्यवस्था चलाने के लिए नए चेहरों को तैयार करना बताया जा रहा है।

और यदि यह प्रयोग जमीन पर सफल होता है, तो डेहरी की राजनीति में इसका असर केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रह सकता। अगर आप भी इस मुहीम का हिस्सा बनना चाहते हैं तो यहाँडेहरी के परिवर्तनवाहक बनें” पर क्लिक करें।

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