डेहरी-ऑन-सोन (जन आक्रोश मीडिया): केंद्र सरकार का ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ (SSY) के जरिए बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रयासों पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की डेहरी-ऑन-सोन शाखा के कुछ कर्मचारियों की मनमानी पानी फेर रही है. ताजा मामला एक 8 वर्षीय बच्ची के सुकन्या समृद्धि खाते को खोलने से जुड़ा है, जिसे बैंक कर्मचारी ने अपनी अधूरी जानकारी के चलते खोलने से मना कर दिया.

क्या है वर्तमान मामला?
डेहरी निवासी सुनील कुमार अपनी 8 वर्षीय पुत्री का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने PNB की स्थानीय शाखा गए थे. सुनील जी के दो पुत्र और एक पुत्री है. यह उनकी पहली और एकमात्र पुत्री है. योजना के नियमों के अनुसार, एक परिवार में “अधिकतम दो बेटियों” का खाता खोला जा सकता है. चूँकि यह बच्ची उनकी पहली पुत्री है, इसलिए वह नियमानुसार पूरी तरह पात्र है.
लेकिन, बैंक काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने यह कहते हुए खाता खोलने से इंकार कर दिया क्योंकि लाभार्थी सुनील जी की तीसरी संतान है. कर्मचारी का तर्क था कि योजना केवल “पहली दो संतानों” के लिए ही है, जो कि सरकारी नियमों की गलत व्याख्या है. इस दौरान जन आक्रोश मीडिया के संपादक व सामाजिक कार्यकर्ता मो० दिलशाद आलम भी वहां उपस्थित थे. जब उन्होंने भारत सरकार द्वारा 12 दिसंबर 2019 को जारी आधिकारिक राजपत्र (Gazette) का चौथा पृष्ठ दिखाना चाहा, तो कर्मचारी महोदय ने उसे देखने से ही इंकार कर दिया. उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें सब पता है और ग्राहकों को वहां से लौटा दिया.
उच्चाधिकारियों से हुई शिकायत
बैंक के इस असहयोगात्मक रवैये के बाद, सुनील कुमार ने ‘पब्लिक ग्रीवांस पोर्टल’ (PGPortal) के माध्यम से वित्त मंत्रालय (बैंकिंग प्रभाग) में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है. यह शिकायत 27 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई है. वर्तमान में यह मामला प्रक्रियाधीन है और सीधे PNB के उच्च प्रबंधन के संज्ञान में पहुंच चुका है.
शाखा का विवादों से रहा है पुराना नाता, पूर्व में मांग चुके हैं लिखित माफी
PNB की डेहरी शाखा में ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार और नियमों की अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस शाखा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं और बैंक प्रबंधन को अपनी गलतियों के लिए माफी मांगनी पड़ी है:
- केवाईसी के नाम पर दुर्व्यवहार (अगस्त 2024): अगस्त 2024 में मो० फरीद अंसारी जब शाखा में केवाईसी (KYC) हेतु सहायता मांगने गए, तो एक कर्मचारी ने उनसे बदतमीजी की थी. जब इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की गई, तो उन्होंने भी कर्मचारी का ही बचाव किया. उच्च स्तर पर शिकायत के बाद, शाखा प्रबंधक ने स्वयं फोन कर क्षमा मांगी और शाखा बुलाकर उनका कार्य पूर्ण करवाया, जिसके बाद मामला बंद हुआ.
- आरबीआई नियमों की अनदेखी (जनवरी 2025): जनवरी 2025 में मो० दिलशाद आलम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शाखा के कर्मचारी एक साथ भोजन अवकाश पर चले जाते हैं, जिससे ग्राहकों और विशेषकर दिव्यांगों को भारी समस्या होती है. यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उन दिशानिर्देशों का उल्लंघन है जो सामूहिक भोजन अवकाश पर रोक लगाते हैं. इस शिकायत के बाद बैंक द्वारा लिखित में माफी मांगी गई और आश्वासन दिया गया कि भविष्य में लंच के दौरान भी काउंटर सक्रिय रहेगा और प्राथमिकता वाले ग्राहकों को बेहतर सेवा दी जाएगी.
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों और पूर्व में मांगी गई माफी के बावजूद, शाखा के जमीनी रवैये में सुधार नहीं दिख रहा है. अब देखना यह है कि इस ताजा मामले में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है. जन आक्रोश मीडिया इस खबर पर नज़र बनाए रखेगा.
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