अक्सर हमारे और आपके घरों के सामने सड़कें बनती हैं, नालों की ढलाई होती है और घाट बनाए जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उस निर्माण कार्य का असल बजट कितना है? उसमें कौन सा सीमेंट, किस ग्रेड का कंक्रीट या कितना लोहा (सरिया) इस्तेमाल होना तय हुआ है?

जानकारी के अभाव में आम जनता चुपचाप काम होते हुए देखती रहती है और कई बार ठेकेदार इसी बात का फायदा उठाकर घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी पैसों की बंदरबांट कर लेते हैं। आम जनता के इसी अधिकार को वापस दिलाने और विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता (Transparency) लाने के लिए जन आक्रोश मीडिया ने एक ऐतिहासिक शुरुआत की है, जिसका नाम है— “मेरा वार्ड, मेरी निगरानी”।
🛠️ क्या है “मेरा वार्ड, मेरी निगरानी” मुहिम?
सरकारी टेंडर (NIT) और प्राक्कलन (BOQ) के दस्तावेज़ तकनीकी और अंग्रेजी भाषा में होते हैं, जिन्हें समझना आम नागरिक के लिए मुश्किल होता है। इस मुहिम के तहत, जन आक्रोश मीडिया नगर परिषद डेहरी-डालमियानगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी वार्डों के टेंडर्स के भारी-भरकम दस्तावेजों को बिल्कुल सरल और आसान हिंदी भाषा में डिकोड करके आप तक पहुँचाएगा।
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अब आपको पता होगा कि आपके मोहल्ले में जो काम हो रहा है, कागज़ पर उसकी क्या गुणवत्ता तय की गई है और ज़मीन पर असल में क्या हो रहा है!
📊 जारी हो चुकी है वार्ड 12 और 36 की विस्तृत रिपोर्ट
“मेरा वार्ड, मेरी निगरानी” के पहले चरण के तहत, हमने डेहरी नगर परिषद के दो महत्वपूर्ण वार्डों के टेंडर्स का गहराई से विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट पब्लिश कर दी है:
- वार्ड सं. 12 (सूर्य मंदिर छठ घाट निर्माण): इस घाट के निर्माण में कितनी बोरिंग होनी है, कितना R.C.C. (लोहे के साथ कंक्रीट) और कितना P.C.C. डलना है, इसका पूरा खर्च और मटीरियल की जानकारी सरल भाषा में साझा की गई है।
- वार्ड सं. 36 (PCC सड़क निर्माण): चंदन सीमेंट से मुख्तार अंसारी की दुकान तक होने वाले निर्माण कार्य का पूरा हिसाब-किताब भी जारी कर दिया गया है।
इन दोनों वार्डों का “निगरानी पत्र” (Monitoring Report) जन आक्रोश मीडिया के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसे कोई भी आम नागरिक अपने फोन में डाउनलोड कर सकता है और ठेकेदार के काम पर सीधे नज़र रख सकता है।
👁️ आपकी जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है!
लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है। जब ठेकेदार और अधिकारियों को पता होगा कि मोहल्ले का हर नागरिक टेंडर की एक-एक डिटेल जानता है, तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश अपने आप खत्म हो जाएगी।
आप क्या कर सकते हैं?
- जन आक्रोश मीडिया पर जाकर अपने वार्ड का ‘निगरानी पत्र’ डाउनलोड करें।
- निर्माण स्थल पर जाकर देखें कि क्या काम तय मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं।
- इस मुहिम को अपने पड़ोसियों और वार्ड के व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर करें।
🚨 भ्रष्टाचार दिखे तो चुप न रहें!
यदि आपको अपने वार्ड के निर्माण कार्य में कोई भी अनियमितता, घटिया सामग्री का उपयोग या मानकों की अनदेखी दिखे, तो हमें सबूत (फोटो/वीडियो) के साथ तुरंत रिपोर्ट करें।
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आइए, साथ मिलकर अपने शहर को भ्रष्टाचार मुक्त और बेहतर बनाएँ।
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